मधुबनी, अप्रैल 5 -- राजनगर। राजनगर के सुगौना सल्हेश स्थान के पास स्थित संत कबीर आश्रम परिसर में आयोजित सद्गुरू कबीर सदज्ञान सह अन्तर्राष्ट्रीय कबीरपंथी संत सम्मेलन का शनिवार की देर शाम शुभारंभ हुआ। अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संत कबीर निर्गुण शाखा के महानतम कवि थे। वह कबीर साहेब हीं थे, जिन्होंने वंचित वर्ग को भी एक समान मौलिक अधिकार मिलने के लिए संघर्ष शुरू किया। उन्होंने व्यक्ति पूजा, पाखंडी-कर्मकांड व अंधविश्वास जैसी समाजिक कुरीतियों की जमकर निंदा की। एवं जीवन को सफल व सार्थक बनाने के लिए वेद, पुराण व ग्रंथों की बात से इतर सरल, सादगी व व्यवहारिकता की बातों पर जोर दिया। कबीर वाणी में इसकी स्पष्ट झलक दिखती है। कबीर वाणी में स्पष्ट संदेश है कि स्वर्ग व नर्क भेजने की ठेका लेने वाले तथाकथित साधु-संतो के आडंबरयुक्त प्रपंच से बचे। एवं श्रमजीवी ...