कबाड़ चुनकर महिलाएं और बच्चे करते हैं कमाई
सीवान, जून 24 -- महाराजगंज, एक प्रतिनिधि। अनुमंडल मुख्यालय स्थित बोर्ड मिडिल स्कूल और शहीद स्मारक के आसपास बसी मलिन बस्ती के दर्जनों परिवारों की जिंदगी आज भी बदहाली के आंसू रो रही है। शहर की चकाचौंध के बीच बसे ये परिवार आज के आधुनिक दौर में भी बुनियादी सुविधाओं के घोर अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि पूरे शहर को स्वच्छता का संदेश देने और उसे चकाचक रखने वाले इन परिवारों की अपनी बस्ती ही उपेक्षा का शिकार है। इस बस्ती के अधिकांश परिवारों की आजीविका पूरी तरह से साफ-सफाई के काम पर ही टिकी हुई है।
बस्तीवासियों की समस्या कबाड़ चुनकर पेट पालने की मजबूरी बस्ती के स्थानीय निवासियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनके परिवारों के कई सदस्य नगर पंचायत में सफाईकर्मी के रूप में तैनात हैं, जो दिन-रात शहर की सड़कों और गलिय...
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