नई दिल्ली, मई 10 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। देश में एक जून से कनेक्टिंग उड़ानों के लिए 'हब एंड स्पोक मॉडल' का ट्रायल शुरू होने जा रहा है। इसके जरिए छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय हवाई सफर करने वाले यात्रियों को बड़े हवाई अड्डों पर दोबारा चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम जांच नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए डिजीयात्रा को अनिवार्य किया जाएगा। नागरिक विमानन मंत्रालय की कोशिश है कि आने वाले एक से डेढ़ वर्ष के अंदर छोटे घरेलू हवाई मार्गों और दिल्ली जैसे बड़े एयरपोर्ट को जोड़कर यात्रा की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। नए मॉडल के तहत छोटे शहरों के एयरपोर्ट स्पोक की तरह काम करेंगे। जबकि बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हब बनेंगे। इसमें यात्री छोटे शहर से हब एयरपोर्ट तक पहुंचेंगे और वहां से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ सकेंगे。 यह भी पढ़ें- पेज छोटे शहरों से अंतरर...