कथा श्रवण से मृत्यु का भय नहीं होता
संतकबीरनगर, मई 28 -- बखिरा, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के मेंड़रापार में आयोजित विष्णु महायज्ञ में अयोध्या से पधारे कथा व्यास चन्द्रेश मिश्र ने कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण करने से जीव के भीतर से मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। कथा व्यास ने कहा कि राजा परीक्षित ने शुकदेव भगवान से प्रश्न किया कि गुरुदेव जीव की मृत्यु सन्निकट हो तो उसे क्या करना चाहिए। शुकदेव भगवान ने कहा कि राजन आपने खुद के लिए नहीं बल्कि समस्त मानव समाज के कल्याण के लिए प्रश्न किया है। इसलिए उपाय सुनिये। जीव की मृत्यु सन्निकट हो तो उसे भगवान की कथा सुननी चाहिए, भगवान का संकीर्तन करना चाहिए और भगवान का स्मरण करना चाहिए। यह भी पढ़ें- कृष्ण सुदामा मित्रता की कथा से भक्त भाव विभोर हुए भगवान की मानसी सेवा सर्वोपरि है। इस विधि से सेवा के लिए किसी भी सामग्री की ...
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