बरेली, जून 18 -- प्राचीन बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर के श्री रामालय में श्री रामचरितमानस कथा का द्वितीय दिवस पर कथा व्यास पं. प्रभाकर त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस सुनने से व्यक्ति को श्रीराम जैसी मर्यादा प्राप्त करने का मार्ग मिलता है। प्रभु श्रीराम का वनवास परमार्थ हेतु आवश्यक था, और धैर्य से विपरीत परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने गिलहरी के उदाहरण से बताया कि प्रेम-समर्पण का आकार मायने नहीं रखता। कथा के बाद भक्तों ने आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति के प्रताप चंद्र सेठ, संजीव औतार अग्रवाल व सुभाष मेहरा का सहयोग रहा। यह भी पढ़ें- कथा व्यास ने मर्यादा व धैर्य पर दिया प्रवचन

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