कथा में सुनाया सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र का प्रसंग
बागपत, मई 17 -- दाहा। हिम्मतपुर सुजती में चल रही श्रीमद भागवत कथा में तीसरे दिन पंडित अभिनन्दन महाराज ने कहा कि जहां सत्संग है, वहीं सत्य है। सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इस दौरान उन्होंने सत्यवादी राजा हरीश चंद्र व ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि सत्य की चर्चा जब भी कहीं होगी, तभी महाराजा हरिश्चंद्र का नाम जरूर लिया जाएगा। राजा हरिश्चंद्र ने सत्य के मार्ग पर चलने के लिए अपनी पत्नी और पुत्र के साथ खुद को भी बेच दिया था। एक बार राजा हरिश्चंद्र ने सपना देखा कि उन्होंने अपना सारा राजपाट विश्वामित्र को दान में दे दिया है। यह भी पढ़ें- सत्संग से जागती है मानवता: मानस महाराज अगले दिन जब विश्वामित्र उनके महल में आए, तो उन्होंने उनको सारा हाल सुनाया और अपना राज्य उन्हें सौंप दिया था। आज उसी सत्य की रक्षा की घड़ी है। इस मौके पर ग्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.