गाज़ियाबाद, मई 29 -- गाजियाबाद, वंदना। नेहरू नगर सेकंड बी स्थित शिव मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा में छठे दिन श्रीकृष्ण और रुक्मणि के विवाह के प्रसंग का वर्णन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और भजनों पर जमकर झूमे। कथा व्यास सुगम महाराज ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण की 16108 रानियां थी। इसमें आठ प्रमुख रानियां रुक्मणि, सत्यभामा, यमुना, मित्रवृंदा, कालिंदी, नग्नजीती, भद्रा और लक्ष्मणा थी। उन्होंने बताया कि भागवत कथा में तीन धारा है, संबंध, विश्वास और समर्पण। भगवान को प्राप्त करने के लिए सबसे पहले भगवान पर विश्वास करना होगा। इसके बाद उनसे संबंध जोड़ना होगा और फिर अपने जीवन को भगवान के चरणों में समर्पण करना होगा। यह भी पढ़ें- रुक्मणी प्रसंग पर देर तक झूमते रहे श्रद्धालु इन तीन धाराओं से ही भगवान मिलेंगे। कथा को व...