मुजफ्फरपुर, फरवरी 27 -- औराई, एसं। चहुंटा गांव में रामकथा के चौथे दिन कथावाचक श्री सीता शरण जी महाराज ने कहा कि पृथ्वी पर जब-जब धर्म का नाश हुआ है, अधर्म का बढ़ावा मिला। पृथ्वी पर आए दुष्टों को नाश करने के लिए एवं भक्तों की रक्षा के लिए भगवान को प्रकट होना पड़ता है। भगवान श्रीराम का जन्म मनुष्य रूप में धरती पर इसलिए हुआ कि दुष्ट, दानव को धरती से मिटा देना है। उन्होंने दर्जनों दुष्ट दानव के साथ रावण का भी वध किया। महाराज जी ने बताया कि जब तक दांपत्य जीवन पवित्र नहीं होगा, तब तक दिव्य संतान उत्पन्न नहीं होगा। रोहित कुमार, देव कुमार साह, गुलाब सिंह, चंद्र माधव सिंह आदि थे।
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