मुजफ्फरपुर, फरवरी 25 -- औराई। थाना क्षेत्र के चहुंटा गांव में श्री रामनाम महात्म्य कथा के दूसरे दिन बुधवार को अयोध्या से पधारे कथावाचक श्री सीता शरण जी महाराज ने शिव-पार्वती का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि माता सती बिना बुलाए अपने पिता के यज्ञ में पहुंची और वहां भगवान शंकर का अपमान सहन नहीं कर सकी। योग अग्नि द्वारा अपने शरीर को जलाकर भस्म कर लिया। सती के दोबारा जन्म लेने के बाद माता पार्वती का शिव के साथ विवाह हुआ। राजा हिमाचल ने कन्यादान किया। विष्णु भगवान एवं अन्य देवताओं ने उपहार भेंट किया। ब्रह्मा जी वेदांत रीति से विवाह कराया। इस मौके पर राहुल कुमार, राजीव कुमार, शुभम सिंह, रोहित कुमार सिंह, महंत गोपाल दास, सुरेंद्र नारायण मिश्रा आदि थे।
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