झांसी, अगस्त 30 -- झांसी। रजत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में केशवपुर धाम में चल रही श्रीरामकथा में आस्था उमड़ पड़ी। कामदगिरि पीठाधीश्वर जगतगुरु रामस्वरुपाचार्य ने कहा कि किशोरी जी जब से मिथिला से ब्याह कर अयोध्या आई हैं तब से अयोध्या मंगल की खान बन गयी है क्योंकि किशोरी जी अपने साथ रिद्धियां -सिद्धियां लेकर के आयी हैं। उन्होंने अयोध्या मिथिला और चित्रकूट से घर बैठे ही जुड़े रहने का उपाय बताते हुए कहा कि हमारा मन मिथिला, बुद्धि अयोध्या और चित्त चित्रकूट और‌ अहंकार लंका है। यदि हम अहंकार से जुड़े तो समझो कि लंका में ही रह रहे हैं, कई गांव ऐसे हैं जहां के सभी के सभी लोग मदिरा में उन्मुक्त होकर वातावरण को दूषित कर रहे हैं,वह तो पूरा गांव का गांव लंका है। जगतगुरु ने व्यसनों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि रोज समय निकाल कर परमात्मा की पूजा, ...