कथा के सातवें दिन रूकमणी मंगल, जरासंध वध,, भोमासुर वध और सुदामा चरित्र कथा का वर्णन
उरई, मई 9 -- जालौन। संवाददाता महिया खास में रामजानकी मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन रूकमणी मंगल, जरासंध वध,, भोमासुर वध और सुदामा चरित्र कथा का वर्णन कथा व्यास पंडित सर्वेश दीक्षित ने किया।ग्राम महिया में स्थित रामाजनकी मंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के सातवें दिन कथा व्यास पंडित सर्वेश दीक्षित महाराज ने रूकमणी मंगल समस्त कृष्ण विवाह कथा, जरासंध वध, भोमासुर वध राजसूय यज्ञ का वर्णन सुनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के विवाह की कथा को विस्तार से सुनाते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के 16 हज़ार 108 विवाह का वर्णन मिलता है। जिसमें 16100 कन्याओं को भौमासुर राक्षस की चंगुल से मुक्त करने पर उन्होंने अपनाया। इसके बाद 8 पटरानियों के विवाह का वर्णन किया गया। जिसमें प्रत्येक विवाह का अलग अलग करके कथा श्रवण कराई।...
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