उरई, फरवरी 3 -- जालौन। सिकरीराजा गांव में अमर सिंह भदौरिया के आवास पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धकथा व्यास गगन द्विवेदी ने गोवर्धन पूजा का वर्णन किया। कथा के छठे दिन भागवताचार्य गगन द्विवेदी ने कहा भगवान कृष्ण सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रख उत्सव मना रही थीं। कृष्ण के पूछने पर बताया आज के इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। इससे प्रसन्न होकर इंद्र व्रज में वर्षा करते हैं, जिससे प्रचुर अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इंद्र में क्या शक्ति है। उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है, इसलिए हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। इस मौके पर पारीक्षित चंदन कुंवर, अमर सिंह भदौरिया, अर्चना, सुनीता, श...