दुमका, मार्च 9 -- रामगढ़, प्रतिनिधि। रामगढ़ प्रखंड अंतर्गत ठाड़हाट में आयोजित शिवमहापुराण कथा के चौथे दिन कथा व्यास दुर्गेश नंदन जी महाराज ने महादेव संग पार्वती विवाह का अद्भुत उल्लेख किया। कथा आयोजन के दौरान उन्होंने बताया कि गाय,गंगा और ब्राह्मण का अपमान कभी नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह तीनों पूजनीय है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल एक दैवीय घटना नहीं, बल्कि भक्ति, तपस्या, संयम और सृष्टि संतुलन का अद्भुत प्रतीक है। इस दिव्य मिलन के बिना सृष्टि अधूरी मानी जाती थी,क्योंकि शिव बिना शक्ति के "शव" हैं, और शक्ति बिना शिव के "निष्प्रभावी"।यह कथा बताती है कि जब भक्ति और प्रेम सच्चे हों, तो परम ब्रह्म भी अपने भक्त के समर्पण से बंध जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम जन्म में माता पार्वती, दक्षप्रजापति की कन्या सती के रूप में...
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