इटावा औरैया, मई 28 -- बकेवर। लवेदी क्षेत्र के मजरा अड्डा बंशीपाल पर चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन सरस कथा वाचक आचार्य श्यामजी ने महिमा बताते हुए भक्त ध्रुव की कथा कही उन्होंने भक्त ध्रुव की सौतेली मां के द्वारा सौतेला व्यवहार से व्यथित हो कर छोटी उम्र में भगवान विष्णु को प्रसन्न करने दृढ़ संकल्प कर वन में एक पेड़ के नीचे बैठ कर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या करने लगे तपस्या के समय भक्त ध्रुव ने फल फूल पत्ती का आहार करते समय बीतता गया कुछ समय बाद ध्रुव ने सब कुछ त्याग कर वायु मण्डल से हवा का आहार करने लगे। यह भी पढ़ें- कथा में भक्ति, धर्म और मानव जीवन के आदर्शों पर चर्चाभक्त ध्रुव की तपस्या तदोपरांत ध्रुव ने हवा का आहार लेना बंद कर दिया जिससे वायु मण्डल में हवा रूक गयी हवा रूकने से चारों तरफ़ हां हां कार मच ...