रिषिकेष, अप्रैल 26 -- कथा मर्मज्ञ आचार्य रमेश उनियाल ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मनुष्य पाप मुक्त हो जाता है। कथा श्रवण के साथ ही सभी को इसका अनुशरण भी करना चाहिए। रविवार को कौटिल्य वाटिका वेंडिंग प्वॉइंट प्रतीतनगर नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठें दिन कथा वाचक आचार्य रमेश उनियाल ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य विवाह प्रसंग को पूरे विधि-विधान और भव्यता के साथ प्रस्तुत किया। कहा कि माता रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को सच्चे मन से अपना पति मान लिया था। जब उनका विवाह शिशुपाल से तय किया गया, तब उन्होंने गुप्त रूप से संदेश भेजकर भगवान से उन्हें अपने साथ ले जाने का निवेदन किया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण स्वयं रथ लेकर पहुंचे और रुक्मिणी का हरण कर उन्हें अपने साथ ले गए। अंततः द्वारका में विधि-विधान से विवाह स...
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