रांची, अप्रैल 12 -- रांची, वरीय संवाददाता। नृत्यशाला द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला 'प्रत्याशा' का समापन रविवार को हुआ। इसमें 142 प्रशिक्षु कलाकारों ने भाग लिया। कथक गुरु संदीप मल्लिक ने प्रशिक्षु कलाकारों को नृत्य की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि झारखंड के बच्चों में कथक को लेकर जो जिज्ञासा व मेहनत देखी, उससे ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में कथक का भविष्य यहां उज्जवल है। कथक का आनंद और स्वरूप क्या है, इसे हम लोगों ने तीन दिनों में प्रैक्टिकल करके बच्चों को दिखाया। नृत्यशाला की निदेशक मोनिका डे ने कहा है कि नृत्य का भी एक व्याकरण होता है। उसे सीखने के लिए आपको शारीरिक रूप से उपस्थित रहना होगा। चाहे कोई भी गुरु हो, वह शास्त्रीय नृत्य या कोई भी नृत्य मोबाइल के माध्यम से नहीं सिखा जा सकता। कार्यक्रम के अंत में सभी क...