फतेहपुर, मई 14 -- मंलवा। थाना क्षेत्र के लीलम्बरपुर मजरे कुरुस्तीकला गांव में दो दिनों से मातम पसरा हुआ है। बुधवार को शव गांव तो पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। गुरुवार को दो सगे भाइयों सहित तीनों के शव कतार से अंतिम संसकार के लिये निकले तो पूरा गांव रो पड़ा। अंतिम संस्कार के लिये शवों को आदमपुर गंगा घाट ले जाया गया। इधर शवों के जाने के बाद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और हर तरफ सिर्फ महिलाओं की चीख-पुकार सुनाई देती रही। बता दें कि गांव निवासी 25 वर्षीय दीप नारायण अपने भाई 35 वर्षीय अरविंद और परिवार के 40 वर्षीय छविनाथ व चाचा राजकुमार के साथ उनकी ससुराल सिचौली जाने के लिये मंगलवार को बाइक से निकले थे। यहां रामधनी के बेटे रिंकू की शादी थी। रिंकू की बारात कौशांबी जिले के बरमतपुर गांव जा रही थी। सिचौली से किराये की क...