संतकबीरनगर, जुलाई 21 -- मगहर, हिन्दुस्तान संवाद। संत कबीर कताई मिल मगहर में बाल बाल श्रम कानून की धज्जियां उड़ रहीं है। यहां बेखौफ काम कर नाबालिग बच्चे ईंट की सफाई कर रहे हैं। जिसके बदले उन्हें नाम मात्र का मेंहनताना मिल रहा है। ये नाबालिग जिनको हाथों में कापी किताब होनी चाहिए थी, वे बाहर से आकर हथौड़े चलाने को मजबूर हैं।जनपद के मगहर में पांच दशक पूर्व हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए संतकबीर के कर्मयोग से जुड़ी कताई मिल की स्थापना की गई थी। जो स्थापना के बाद दो दशक तक शानदार तरीके से चली और इसमें हजारों कामगारों को रोजगार मिला। यह मिल 1997 में मजदूर व मिल प्रबंधन के बीच विवाद हो गया और ताला लग गया। जिसके बाद से मिल चालू नहीं हो सकी। प्रदेश की बंद पड़ी मिलों की कीमती जमीनों पर सरकार ने टेक्सटाईल पार्क बनाने का निर्णय लिया। जिसके क्रम म...