नई दिल्ली, मार्च 19 -- ईरान युद्ध ने तीसरे हफ्ते में प्रवेश करते ही विकराल रूप ले लिया है। एक तरफ इजरायल ने ईरान स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र साउथ पार्स पर हमले किए हैं तो वहीं ईरान ने खाड़ी देशों के कई ऊर्जा ठिकानों को तबाह कर धुआं-धुआं कर दिया है। इसी कड़ी में ईरान ने कतर के प्रमुख गैस केंद्र रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर भी हमले किए हैं। इस हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। यह घटनाक्रम न सिर्फ पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रहा है, बल्कि भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।भारत पर सीधा असर क्यों? कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरानी हमला भारत के लिए भी बुरी खबर है क्योंकि भारत कच्चे तेल के लिए 88% से ज़्यादा और गैस के लिए लगभग 50% तक आयात प...