बर्लिन, जनवरी 8 -- बिजली कटौती आमतौर पर विकासशील देशों की आम समस्या मानी जाती है, लेकिन यूरोप के सबसे बड़े शहर बर्लिन में ऐसा होना असामान्य है। यही कारण है कि जब जर्मन राजधानी के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में कई दिनों तक बिजली गुल रही, तो इसने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं और आतंकवाद की जांच शुरू कराई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शहर में हुई सबसे लंबी बिजली कटौती के कारण कड़ाके की सर्दी में हजारों घरों में बिजली और हीटिंग नहीं पहुंची। जर्मन अधिकारियों ने कहा कि वे इस हमले की जांच 'आतंकवादी संगठन की सदस्यता, तोड़फोड़, आगजनी और सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान' के संदेह में कर रहे हैं। बर्लिन में बिजली धीरे-धीरे बहाल हुई और अब पूरी तरह रिस्टोर हो गई। जर्मन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला इतना गंभीर था कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए सेना को तैनात...