किशनगंज, जनवरी 5 -- किशनगंज, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। किशनगंज की सर्द रातें इस बार सिर्फ मौसम की मार नहीं, बल्कि सिस्टम की बेरुखी की भयावह तस्वीर पेश कर रही हैं। तापमान गिरते ही शहर की सड़कों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों के आसपास गरीब और बेघर लोग खुले आसमान के नीचे ठिठुरते नज़र आ रहे हैं। कोल्ड वेव और घने कोहरे की चेतावनी के बावजूद न तो पर्याप्त अलाव जल रहे हैं और न ही रैन बसेरों में जरूरतमंदों की मौजूदगी दिख रही है। मौसम विभाग ने कई दिन पहले ही सीमांचल में कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया था। इसके बाद भी नगर परिषद और प्रशासन की तैयारियां ज़मीनी स्तर पर नदारद हैं। जिन योजनाओं का दावा हर साल किया जाता है, वे इस बार भी फाइलों और कागज़ों तक सिमटकर रह गई हैं। आधी रात में जब ठंड हड्डियों में उतर जाती है, तब गरीब इंसान के पास प्रशासन नहीं, ब...