नई दिल्ली, मार्च 18 -- पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कठुआ में बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले के मुख्य साजिशकर्ता एवं मंदिर के पूर्व सेवादार सांझी राम की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि 'इस स्तर पर सजा के निलंबन की रियायत' नहीं मिलनी चाहिए। न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह गिल और न्यायमूर्ति रमेश कुमारी की खंडपीठ ने सांझी राम की याचिका पर 6 मार्च को यह आदेश पारित किया। आदेश इस सप्ताह की शुरुआत में उपलब्ध कराया गया। याचिकाकर्ता ने अपनी सजा निलंबित करने का अनुरोध किया। मामले के गुणदोष पर टिप्पणी किए बिना, अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता इस स्तर पर सजा के निलंबन की रियायत का हकदार नहीं है। यह कहते हुए अदालत ने उसका आवेदन खारिज कर दिया। ज्ञात हो कि जनवरी 2018 में जिस मंदिर में अपराध हुआ था, उसके सेवादार सांझी राम को अगले वर्ष पठानकोट की एक सेशन...
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