भागलपुर, अगस्त 22 -- कटिहार से रामनिवास शर्मा की रिपोर्ट तेरापंथ युवक परिषद द्वारा जैन संस्कार विधि से रक्षाबंधन कार्यशाला का आयोजन जैन अतिथि भवन में किया गया। हनुमान नाहटा ने बताया कि संस्कारक वीरेंद्र संचेती एवं आदित्य मंडोत ने संयुक्त रूप से समवेत स्वरों से जैन विधि द्वारा रक्षाबंधन को प्रायोगिक रूप से पूर्ण किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुनि प्रशांत ने कहा कि रक्षाबंधन भाई बहन के आपसी सद्भाव प्रेम का त्यौहार होता है। रक्षाबंधन का धागा पतला होता है लेकिन भावना गहरी जुड़ी हुई होती है। इस त्यौहार में भावना का ही महत्व होता है। राखी बांधने के बाद भाई-बहन को उपहार स्वरूप कुछ देता है। बहन भी भाई से अपेक्षा रखती है। वर्तमान में अपेक्षा ज्यादा बढ़ गई है। धन के प्रति अपेक्षा भाव आने से इसका महत्व कम हो जाता है।यह भावना का त्यौहार है। सभी त्य...