कोडरमा, अप्रैल 27 -- जयनगर, निज प्रतिनिधि। कटिया पंचायत में पशुपालकों के लिए वर्ष 2014 में करीब 12 लाख रुपये की लागत से बना गोकुल भवन आज भी अपने उद्देश्य से कोसों दूर है। कटिया तालाब के समीप स्थित यह भवन पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था, लेकिन निर्माण के करीब 12 वर्ष बाद भी यहां न तो पारा-चिकित्सक की तैनाती हुई और न ही कोई स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के इलाज के लिए उन्हें आज भी झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे कई बार गलत उपचार के कारण मवेशियों की मौत तक हो चुकी है। सरकार द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने के दावों के बीच यह भवन सिर्फ 'शोपीस' बनकर रह गया है।स्थिति तब और गंभीर हो गई है जब भवन पर कब्जे की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के एक व्यक्ति ने यहां अवैध रूप से...
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