सीवान, फरवरी 10 -- उप परियोजना निदेशक कालीकान्त चौधरी ने फलों की तुड़ाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण और मूल्यवर्धन, जैम, जेली, अचार व जूस बनाना के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रखंड कृषि पदाधिकारी प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि यह कोर्स बिहार की गर्म और आर्द्र जलवायु के अनुकूल फलों के व्यावसायिक उत्पादन पर केंद्रित है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.