दरभंगा, फरवरी 27 -- तालाबों के शहर के रूप में प्रसिद्ध दरभंगा की पहचान अब धीरे-धीरे धुंधली पड़ती जा रही है। मिथिला की संस्कृति और भूगोल में तालाबों का स्थान सर्वोपरि रहा है, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ और प्रशासनिक उदासीनता ने इन जलस्रोतों को खत्म करने के कगार पर खड़ा कर दिया है। वर्तमान में शहर के वार्ड-13 स्थित कटहलबाड़ी का प्राचीन तालाब इसका जीवंत उदाहरण बन चुका है। जो तालाब कभी मोहल्ले की रौनक और जीवनरेखा हुआ करता था, वह आज अतिक्रमण, गंदगी और सरकारी उपेक्षा के कारण अपना अस्तिव खो रहा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि तालाब की दुर्दशा अब इतनी बढ़ गई है कि आसपास रहने वाले परिवारों का जीवन दूभर हो गया है। कटहलबाड़ी के बुजुर्गों का कहना है कि एक समय यह तालाब मोहल्ले की जीवनरेखा हुआ करता था। लोग यहां स्नान करते थे, छठ जैसे धार्मिक अनुष्ठा...
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