भागलपुर, जुलाई 7 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। राज्य के महालेखाकार (एजी) ने कोविड-19 में शुरू हुए जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना की राशि का हिसाब कच्चे बिल में देखकर नाराजगी जताई है। महालेखाकार (एजी) ने लखीसराय सहित छह जिलों में कच्चे बिल पर आपत्ति जताई है। खगड़िया, भागलपुर, कटिहार, मुंगेर, जमुई, किशनगंज और अररिया सहित कई जिले एजी की जांच में उत्तीर्ण हो गए। एजी ने सुपौल एवं बांका समेत 11 जिलों को बची हुई राशि का जमा-खर्च मांगा है। उद्योग विभाग ने जमा-खर्च रिपोर्ट भेजने की जिम्मेदारी डीडीसी को दी है। बता दें कि कोविड-19 में बिहार लौटे कामगारों को रोजगार देने के लिए तत्कालीन नीतीश कुमार की सरकार ने जिला औद्योगिक नवप्रवर्तन योजना बनाई थी। इस योजनांतर्गत सभी जिलों के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को तत्काल 50 लाख की राशि सूक्ष्म इकाइयों को स्थापि...