नई दिल्ली, जुलाई 22 -- कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका का ईरान पर हमले जारी हैं और ईरान की जवाबी कार्रवाई भी। होर्मुज के साथ अब काला सागर में भी शिपिंग पर संकट आ गया है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, सीएनजी जैसे फ्यूल की कीमतें बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। अगर आज की बात करें तो सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दी हैं।राहत की बात ये है कि LPG और CNG के रेट में भी कोई बदलाव नहीं है।पेट्रोल-डीजल 7.50-7.50 रुपये हुआ था महंगा पिछली बार जब कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं तो मई में पेट्रोल-डीजल 7.50-7.50 रुपये बढ़े थे। युद्ध के बीच ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1500 रुपये से अधिक और घरेलू सिलेंडर 89 रुपये महंगा हो गया। देश की राजधानी समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्य...