नई दिल्ली, मई 15 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नहीं दो बार कह चुके कि पेट्रोल डीजल और गैस की बचत करें। पीएम से सीएम तक के काफिलों में गाड़ियों की संख्या आधी हो गई हैं। विधायक और सांसद ई रिक्शा की सवारी कर रहे हैं। कच्चा तेल 100 डॉलर के पार खिलखिला रहा है। डॉलर की दहाड़ से रुपया थरथर कांप रहा है। पड़ोसी देशों में पेट्रोल डीजल की कीमतों में आग लगी है और भारत में ये दोनों एक दिन पहले तक ऐसे शांत बैठे थे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ने से जनता में राहत तो मिल रही थी, लेकिन एक अजीब सी बेचैनी भी थी कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ का नुकसान होने के बावजूद दाम क्यों नहीं बढ़ रहे? आज करीब चार साल बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में 3-3 रुपये का इजाफा हुआ। यह भी पढ़ें- पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद आज LPG सिलेंडर...