नई दिल्ली, जुलाई 22 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर और हमलों की धमकी ने कच्चे तेल कीमतों लगी आग को फिर से भड़का दिया है। इससे तेल की कीमतें 91 डॉलर के पार चली गई हैं। अब हूती के आने से ग्लोबल सप्लाई पर खतरे के बादल मध्य पूर्व से बाहर निकलकर काला सागर तक फैल गए हैं। बता दें होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया की 20 प्रतिशत ईंधन की सप्लाई पहले से ही बाधित है। ऐसे में काला सागर में भी रुकावटें बढ़ीं तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर के पार होंगी और दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे। ब्लूमबर्ग के मुताबिक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ गया और यह लगातार चौथे सत्र में चढ़ा। जबकि ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 91 डॉलर प्रति बैरल के करीब बंद हुआ। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान...