मधेपुरा, दिसम्बर 8 -- घैलाढ़, संवाद सूत्र। पीएचसी की कई दवाएं भारी मात्रा में कचरे की ढेर में फेंके जाने का मामला सामने आया है। पीएचसी के सामने नवनिर्मित भवन के पास जमा कचरे में दवा मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कचरे में फेंकी मिली दवाओं में फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड सिरप, ओआरएस सहित अन्य दवा है। इन दवाओं की एक्सपायरी तिथि शेष रहने के बाद भी कचरे में दवा मिलना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बतायी जा रही है। लोगों का कहना है कि मरीजों को मुफ्त में दी जाने वाली सरकारी दवा कूड़े में फेंकी जा रही है। जबकि मरीजों को खुले बाजार से दवा खरीदने की सलाह दी जाती है। गौरतलब है कि सरकार पीएचसी और सीएचसी में मरीजों को हर तरह की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करती है। लेकिन विडंबना है कि अधिकतर मरीजों क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.