कानपुर, जून 12 -- कानपुर देहात, संवाददाता। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी अनुपालन के उद्देश्य से कलेक्ट्रट सभागार में डीएम कपिल सिंह की अध्यक्षता में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय कार्यालय, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में किया गया। नियमों के अनुसार अब ठोस अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर ही चार श्रेणियों में पृथक्करण किया जाना अनिवार्य होगा। इसमें गीला कूड़ा (फल एवं सब्जियों के छिलके तथा अन्य जैविक अपशिष्ट), सूखा कूड़ा (पेपर, प्लास्टिक एवं अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री), सेनेटरी वेस्ट (डायपर, सैनिटरी पैड आदि) तथा स्पेशल केयर वेस्ट (बल्ब, ट्यूबलाइट, एक्सपायरी दवाएं एवं अन्य विशेष अपशिष्ट) शामिल हैं। यह भी पढ़ें- जनप्रतिनिधियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का दिया ...