कई मायनों और संदर्भों में बयां हुआ प्रेम
आजमगढ़, मार्च 27 -- आजमगढ़, संवाददाता। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर शुक्रवार को रैदोपुर स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी के भरत मुनि सभागार सूत्रधार संस्थान की ओर से कविताओं पर आधारित नवीनतम नाट्य प्रस्तुति 'स्वप्न में मुस्कुराना' का मंचन किया गया. इस प्रयोगधर्मी प्रस्तुति का निर्देशन ख्यातिलब्ध निर्देशक अभिषेक पंडित ने किया। नाटक की शुरुआत सूत्रधार (अनादि अभिषेक) के मंच पर आगमन से होती है फिर क्रमशः अभिनेताओं द्वारा अपनी शारीरिक गति और लय के माध्यम से कविताओं को सजीव दृश्य में बदला गया। कविताओं मे निहित सूक्ष्म प्रतीकों और उनके विंबो को दृश्य में ढाला गया। मंच पर इस तरह की प्रस्तुति ने दर्शकों को चमत्कृत किया। सबसे पहले सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज की कविता मैंने उससे कहा क्या, तुम्हारे पास चाभी है मेरी, अशोक वर्मा की कविता प्रेम बहुत उथला भी है, सर्वेश्व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.