नई दिल्ली, जून 4 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। फास्टैग के जरिए टोल वसूली में गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में वाहन टोल प्लाजा या एक्सप्रेसवे से गुजरा ही नहीं, फिर भी उसके फास्टैग वॉलेट से टोल शुल्क काट लिया गया। आंकड़े बताते हैं कि मार्च महीने में देशभर में ऐसे 2.62 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए। खास बात यह है कि इनमें से 70 फीसदी मामलों में गलत तरीके से काटी गई राशि लौटाई गई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के अनुसार, कुल 2,62,108 चार्जबैक (धनवापसी) आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,84,544 मामलों में ग्राहकों की शिकायत सही पाई गई और धनराशि वापस कर दी गई। यानी करीब 70 प्रतिशत मामलों में टोल शुल्क गलत तरीके से काटा गया था। इसके लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीसी) प्रणाली में बैंकों के प्रदर्शन का आकलन किय...