नई दिल्ली, मार्च 22 -- सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भुइयां ने रविवार को अहम टिप्प्णी की है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा है कि कुछ जज राजा से भी ज्यादा वफादार वाले सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यहां तक कि सही मामलों तक में जमानत नहीं देते। इसकी वजह से लोगों को काफी समय तक जेल में रहना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत में, असहमति और बहस के लिए ज्यादा जगह होनी चाहिए। असहमति को अपराध नहीं बनाया जा सकता। अलग-अलग विचारों के प्रति ज्यादा सहनशीलता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''विकसित भारत में, ऐसा नहीं हो सकता कि माता-पिता यह कहें कि उनके बच्चे दलितों द्वारा बनाया गया खाना नहीं खाएंगे। विकसित भारत में, ऐसा नहीं हो सकता कि दलित पुरुषों को गलियारों में बिठाया जाए और लोग उन पर पेशाब करें। हर व्यक्ति के सम्मान की रक्षा जरूर होनी चाहिए।'' लाइव लॉ...
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