मुख्य संवाददाता, सितम्बर 19 -- भारतीय युवकों को कंबोडिया में बंधक बनाकर उनसे साइबर क्राइम कराया जाता है। विदेश में नौकरी का सपना देखने वाले युवकों को एजेंट कंबोडिया भेजते हैं। वहां से मुक्त होकर आए दो युवकों ने आगरा में साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। मुक्त होने के लिए दोनों को तीन-तीन लाख रुपये देने पड़े। इतने ही रुपये नौकरी के लिए भी दिए थे। पुलिस उस एजेंट की तलाश कर रही है जिसने युवकों को भेजा था। कंबोडिया में कैद भारतीयों की जानकारी गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है। चिरावली, मई (हाथरस) निवासी सौरभ ने मुकदमा दर्ज कराया है। मलपुरा के गांव नगला कारे में उसके नाना रहते हैं। सौरभ ने पुलिस को बताया, उसने और अभिज्ञान ने विदेश में नौकरी के लिए नवंबर में फोन पर अजय शुक्ला से संपर्क किया था। उसने बैंकाक होते हुए कंबोडिया भिजवा दिया। व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.