जमशेदपुर, मई 7 -- मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने टाटा समूह के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज में हुए खर्च के बकाया बिल माफी प्रकरण को उठाकर एक नई बहस को छेड़ दिया है। उन्होंने यह मुद्दा भी उठा दिया है कि टीएमएच में तो फिर भी कुछ मरीजों के इलाज का बिल माफ हो जाता है, परंतु टाटा मोटर्स, टीन प्लेट और एमटीएमएच आदि अस्पतालों में बिल में कोई रियायत नहीं की जाती है, जबकि इन कंपनियों को भी अपने शुद्ध मुनाफा का 2% सीएसआर मद में खर्च करना है। यह भी पढ़ें- टाटा ट्रस्ट्स पर संकट: बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका, अहम बैठक पर रोक लगाने की मांगबिल माफी का मुद्दा दरअसल उन्होंने गत दिन कीनन स्टेडियम के पास एक चाय बेचने वाली युवती के शरीर पर कुछ मनचलो के द्वारा गर्म चाय फेंकने की घटना के बाद उसके इलाज पर हुए खर्च की बिल माफी प्रकरण को इससे जोड़ा ह...