नई दिल्ली, जुलाई 19 -- सरकारी नौकरी और उसमें भी अफसरशाही का रुतबा ही कुछ अलग होता है। उत्तर प्रदेश में जब भी कोई युवा सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू करता है, तो उसकी आंखों में एसडीएम (SDM) या फिर पुलिस की वर्दी पहने डिप्टी एसपी (DSP) बनने का ही ख्वाब तैरता है। नीली बत्ती, सायरन की गूंज, सरकारी गाड़ी और आगे-पीछे चलते गार्ड्स, ये वो तस्वीर है जो सालों की खामोश मेहनत का सबसे बड़ा और शानदार इनाम होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सूबे में डिप्टी एसपी और एसडीएम बनने पर सरकार की तरफ से कितनी तनख्वाह मिलती है और रुतबे के साथ क्या-क्या शाही सहूलियतें दी जाती हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की पीसीएस परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय परीक्षाओं में गिनी जाती है, जिसके जरिए यूपी में एसडीए और डीएसपी जैसे पदों पर उम्मीद...