प्रयागराज, सितम्बर 8 -- प्रयागराज। केस-एक अल्लापुर के रहने वाले 19 वर्षीय अंकित गुप्ता नियमित जिम करते थे। एक दिन ज्यादा वजन उठाने से कमर में दर्द होने लगा। उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी। कई जगह इलाज कराने से आराम नहीं हुआ तब फिजियोथेरेपी कराना शुरू किए जिससे आराम हुआ। केस-दो 21 वर्षीय श्रेयांश कटरा में स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में 12 से 15 घंटे तक बैठकर तैयारी करते थे। तीन माह से उनके गर्दन और कमर में दर्द होने लगा। जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें नियमित फिजियोथेरेपी कराने की सलाह दी। अंकित और श्रेयांश की तरह बेली अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 ऐसे युवाओं की फिजियोथेरेपी की जाती है, जो जिम, कंम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इससे उनके कंधे, कमर व गर्दन में दर्द होता है। यह भी पढ़ें- फिजियोथेरेपी ने छुड़ाया विस्त...