रांची, सितम्बर 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के वानिकी संकाय में बुधवार को 11वें आयुर्वेद दिवस पर औषधीय पौधों के महत्व, उनके संरक्षण और दैनिक जीवन में उपयोगिता को लेकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर देशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रम का इस वर्ष विषय- स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद, है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशु चिकित्सा संकाय के डीन डॉ आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि औषधीय पौधे प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति और पारंपरिक ज्ञान का महत्वपूर्ण आधार हैं। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कर आनेवाली पीढ़ियों के लिए औषधीय संपदा को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह भी पढ़ें- आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की दी जानकारी वानिकी संकाय के डीन डॉ कौशल कुमार ने औषधीय पौधों की विभिन्न प्रजातियों और ...