पिथौरागढ़, अप्रैल 26 -- राकेश तिवारी, धारचूला। नारायण आश्रम में जीबी पंत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन एनवायरनमेंट की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के शुभारंभ पर वीपीकेएएस की वैज्ञानिक डॉ. संध्या ने किसानों को विभिन्न फसलों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीकों व बेहतर उत्पादन के तरीकों के बारे में जानकारी दी। शोधार्थी डॉ.बसंत सिंह ने बताया कि कि जीबी पंत संस्थान के डॉ. आईडी भट्ट व डॉ. केएस कनवाल के नेतृत्व में कई वर्षों से औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। संस्थान और किसानों के संयुक्त प्रयासों से उन्होंने इस वर्ष क्षेत्र के 10 किसानों ने लगभग 16 कुंतल वन हल्दी का उत्पादन कर डाबर कंपनी की मांग को पूरा किया। इस क्षेत्र में विभिन्न औषधीय पौधों वन हल्दी, रोजमेरी, जम्बू की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.