औरैया, जून 26 -- वरिष्ठ स्तंभकार,और प्रतिष्ठित उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा 'के एम मुंशी पुरस्कार' से पुरस्कृत लेखक मुनीश त्रिपाठी की नई पुस्तक 'महापराक्रमी महाराजा सूरजमल' प्रकाशित हो गई है। पुस्तक का प्रकाशन 'सुरुचि' प्रकाशन ने किया है। यह पुस्तक महाराजा सूरजमल के जीवन, शौर्य और पराक्रम पर आधारित है जो गहन शोध और तथ्यों के आधार पर लिखी गई है। पुस्तक में बताया गया है कि मुगलों के हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ महाराजा सूरजमल ने निर्णायक सफलता प्राप्त की थी। मुनीष त्रिपाठी ने पुस्तक में लिखा कि सूरजमल ने एक समय कानपुर के सिकंदरा सूबा से आगरा, हरियाणा, पूरा पश्चिमी उत्तरप्रदेश तथा दिल्ली के निकट तक समूचा क्षेत्र जीत लिया था। मुगल साम्राज्य केवल दिल्ली शहर तक ही सिमट गया था। महाराजा ने 1762 में मुगलों की दूसरी राजधानी आगरा और किले को भी ...