औरैया, नवम्बर 30 -- सहार। कस्बा सहार के बिधूना तिराहे पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में शनिवार को सुदामा चरित्र का दिव्य प्रसंग सुनाया गया। सातवें दिन की कथा में व्यासपीठ पर विराजमान सोनेन्द्र कृष्ण शास्त्री महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के निष्काम, नि:स्वार्थ और पवित्र प्रेम का वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। शास्त्री महाराज ने कहा कि सुदामा का जीवन सच्चे भक्त की निष्ठा, विनम्रता और भक्ति का उज्ज्वल प्रतीक है। भगवान अपने सच्चे भक्तों को कभी निराश नहीं करते। जो प्रेम, विश्वास और समर्पण के साथ प्रभु की शरण में आता है, उसे उनकी असीम कृपा अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि सुदामा का चरित्र यह संदेश देता है कि भक्ति में दिखावा नहीं, बल्कि हृदय की पवित्रता आवश्यक है। कथा सुनते समय पूरा पंडाल 'राधे-कृष्ण' के जयकारों...
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