औरैया, सितम्बर 23 -- गांधी जयंती पर दो अक्तूबर को जिले के विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून की जानकारी दी जाएगी। किशोर-किशोरियों को समझाया जाएगा कि 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति कानून की नजर में बच्चा है और उसकी सहमति का कानूनी महत्व नहीं होता। प्रेम संबंध, सहमति अथवा विवाह की इच्छा कानून के तहत अपराध से बचने का आधार नहीं बन सकती। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जनपद न्यायाधीश मयंक चौहान के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। प्राधिकरण की सचिव रोमा गुप्ता ने अभियान की तैयारियों को लेकर पराविधिक स्वयंसेवकों, अधिवक्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की।सचिव ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों और आम लोगों को बाल संरक...