विशेष संवाददाता, सितम्बर 6 -- यूपी में औद्योगिक क्षेत्रों में 3000 वर्गमीटर से अधिक निर्माण पर पार्क या खुला क्षेत्र छोड़ना जरूरी होगा। यह व्यवस्था आवासीय तथा गैर-आवासीय क्षेत्रों के लिए लागू होगी। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित एकीकृत भवन विकास उपविधि (बिल्डिंग बॉयलॉज) में ऐसे ही कई प्रावधान किए गए है। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि कितने हिस्से में ग्रीनबेल्ट होगी तथा कितने हिस्से में खुला स्थान छोड़ना होगा। एकीकृत भवन विकास उपविधि का अंतिम प्रारूप तैयार कर लिया गया है। नए प्रारूप में 3000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले लेआउट के लिए खुले स्थान की गणना टेलीस्कोपिक आधार पर होगी। 3000 वर्गमीटर से कम के आवासीय तथा औद्योगिक प्लॉट में पार्क या खुला क्षेत्र छोड़ना जरूरी नहीं होगा लेकिन इससे अधिक के प्लॉट के लिए सीमा तय कर दी गई है।औद्यो...