मुंगेर, फरवरी 26 -- मुंगेर, एक संवाददाता। मुंगेर वर्षों से औद्योगिक मानचित्र पर लगभग खाली नजर आता है। सिगरेट फैक्ट्री एवं जमालपुर रेलवे वर्कशॉप की स्थापना के बाद हाल फिलहाल में आईटीसी डेयरी उद्योग एवं राइस मिल की स्थापना को छोड़कर से जिले में न तो किसी बड़े उद्योग ने अब तक ठोस निवेश किया, न ही किसी प्रभावशाली स्टार्टअप कंपनी ने कदम रखा है। परिणामस्वरूप जिले की अर्थव्यवस्था आज भी सीमित संसाधनों और पारंपरिक रोजगार के भरोसे चल रही है। उद्योग के बिना आर्थिक विकास एवं समृद्धि संभव नहीं है। जहां उद्योग होते हैं, वहां रोजगार सृजन, बाजार विस्तार और आय के नए स्रोत स्वतः विकसित होते हैं। मुंगेर में उद्योगों की कमी ने युवाओं को पलायन के लिए मजबूर किया है और स्थानीय बाजार की रफ्तार थमी हुई है। कृषि आधारित उद्योग की अपार संभावनाएं: मुंगेर कृषि के क्षे...