सोनभद्र, अप्रैल 19 -- ​बीजपुर, हिंदुस्तान संवाद। विकास की अंधी दौड़ और औद्योगिक लापरवाही ने बीजपुर के ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। बीजपुर क्षेत्र से होने वाला राख परिवहन अब क्षेत्र के लिए वरदान नहीं बल्कि जी का जंजाल बन चुका है। ओवरलोड वाहनों से उड़ती राख ने न केवल पर्यावरण को धुंधला कर दिया है, बल्कि ग्रामीणों की सेहत और फसलों पर भी ग्रहण लगा दिया है।​स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में राख माफिया सक्रिय हो जाते हैं। नियमों को ताक पर रखकर ट्रकों में क्षमता से अधिक राख लादी जा रही है। आलम यह है कि जब ये भारी वाहन चढ़ाई नहीं चढ़ पाते तो चालक बिना किसी डर के सड़क किनारे ही राख उड़ेल देते हैं। इससे पूरी सड़क राख के ढेर में तब्दील हो गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह से जानलेवा बना हुआ है।​​ सड़क पर बिखरी और उड़ती राख के कारण दृश्यता इ...