ओलंपियंस की धरती रही है झारखंड, पुरुष हॉकी से शुरू हुआ सफर अब महिला खिलाड़ियों के दम पर बुलंद
रांची, जून 23 -- रांची, संवाददाता। देश के सबसे छोटे राज्यों में शामिल झारखंड ने ओलंपिक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। पुरुष हॉकी से शुरू हुआ यह सफर अब महिला हॉकी और तीरंदाजी के जरिए नई ऊंचाइयों तक पहुंच चुका है। राज्य ने अब तक 13 ओलंपियन देश को दिए हैं, जिनमें तीन पदक विजेता शामिल हैं। झारखंड की ओलंपिक यात्रा की शुरुआत 1928 एम्स्टर्डम ओलंपिक से हुई, जब खूंटी के जयपाल सिंह मुंडा ने भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी करते हुए देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद सिमडेगा के माइकल किंडो ने 1972 म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर राज्य का नाम रोशन किया, जबकि सिल्वानुस डुंगडुंग 1980 मॉस्को ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे। हॉकी में मनोहर टोपनो और अजीत लकड़ा ने भी ओलंपिक में भारत का ...
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