एटा, जनवरी 3 -- मेडिकल कालेज की डेन्टल ओपीडी में प्रतिदिन ओरल कैंसर रोगियों को प्री-काउंसलिंग दी जा रही है। जांच में ओरल कैंसर की पुष्टि होने पर उनको प्राथमिक उपचार शुरू कराया जा रहा है। स्थिति संवेदनशील होने पर उच्च चिकित्सा के लिए रेफर किया जा रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन प्री काउंसलिंग के लिए आठ से दस मरीज पहुंच रहे हैं। डेंटल ओपीडी में ओरल कैंसर रोगियों की काउंसलिंग कर रही डा.अर्चना यादव ने बताया कि मुख कैंसर में होंठ, जीभ, गाल, मसूड़े और गले सहित मुंह में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि होती है। यह अक्सर घावों, गांठों या सफेद-लाल धब्बों के रूप में दिखाई देता है। तीन सप्ताह के भीतर ठीक नहीं होते हैं। इसके प्रमुख जोखिम कारक तंबाकू, शराब और एचपीवी हैं। उपचार में सर्जरी, विकिरण, कीमोथेरेपी, लक्षित थेरेपी शामिल होती है। उन्होंने बताया कि ओरल कै...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.