नई दिल्ली, मई 22 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के जिन परिवारों ने शैक्षणिक और आर्थिक रूप से तरक्की कर ली है, उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ क्यों दिया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने मौखिक तौर पर कहा कि शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के साथ सामाजिक गतिशीलता भी आती है, ऐसे में ओबीसी के संपन्न परिवारों यानी क्रीमी लेयर को आरक्षण व्यवस्था से बाहर हो जाना चाहिए। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्जल भुइयां की पीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर नोटिस जारी करते हुए यह टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता राघवेन्द्र फकीरप्पा चंद्रनवर, जिसके माता-पिता दोनों राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, को क्रीमी लेयर के आधार पर आरक्षण के दायरे से बाहर रखे जाने को सही ठहराया गया था। जस्टिस नागरत्ना ने सुनवाई के दौरान संप...